University of Lucknow जिसे ‘लाइट एंड लर्निंग’ का केंद्र माना जाता है, को उसका नया सारथी मिल गया है। आज के इस विशेष ब्लॉग/व्लॉग में हम बात करेंगे प्रो. जय प्रकाश सैनी के बारे में, जिन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है।

3 जनवरी 2026 को हुई है। वे एक अनुभवी शिक्षाविद् और प्रशासक हैं, जिनके पास 34 वर्षों से अधिक का शैक्षणिक अनुभव है। इससे पहले वे नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली और मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर के कुलपति रह चुके हैं
प्रो. सैनी का शैक्षणिक सफर
- 34 वर्षों से अधिक का अनुभव उच्च शिक्षा, शोध और प्रशासन में।
- संस्थापक कुलपति – नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT), नई दिल्ली (2018–2023)।
- डायरेक्टर – नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NSIT), नई दिल्ली।
- प्रिंसिपल – मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज।
- कुलपति – मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर (2023–2026)
🏛️ नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा
हाल ही में राजभवन से जारी आदेश के अनुसार, प्रो. जय प्रकाश सैनी को तीन साल की अवधि के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय की कमान सौंपी गई है। वह वर्तमान कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
प्रो. जय प्रकाश सैनी: एक परिचय (Profile & Career)
प्रो. सैनी का शैक्षणिक करियर बेहद शानदार रहा है। उनकी गिनती देश के जाने-माने शिक्षाविदों और प्रशासकों में होती है।
- पिछला अनुभव: इससे पहले वह NSUT (Netaji Subhas University of Technology, Delhi) के संस्थापक कुलपति रह चुके हैं।
- तकनीकी विशेषज्ञता: उनका मुख्य क्षेत्र इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी रहा है। उन्होंने डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
- अनुसंधान (Research): उनके नाम पर दर्जनों शोध पत्र (Research Papers) अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हैं।
🚀 University of Lucknow के लिए उनकी प्राथमिकताएं
प्रो. सैनी ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब लखनऊ विश्वविद्यालय NAAC A++ रेटिंग प्राप्त कर चुका है। उनके सामने कुछ मुख्य लक्ष्य और चुनौतियां होंगी:
- NEP 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन: नई शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना।
- डिजिटलीकरण (Digitalization): तकनीकी पृष्ठभूमि से होने के कारण, उम्मीद है कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक डिजिटल होगी।
- अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग: विश्वविद्यालय को QS वर्ल्ड रैंकिंग और NIRF में और ऊपर ले जाना।
- स्किल डेवलपमेंट: छात्रों के लिए रोजगारोन्मुख (Job-oriented) पाठ्यक्रमों पर जोर देना।
🔍 प्रो. सैनी के आने से क्या बदलेगा? (What to Expect)
लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक समुदाय में इस नियुक्ति को लेकर काफी उत्साह है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- अनुभवी प्रशासन: प्रो. सैनी को एक संस्थान को शून्य से शिखर तक (जैसे NSUT) ले जाने का अनुभव है।
- अनुशासन और नवाचार: उनके कार्यकाल में शैक्षणिक अनुशासन और नए इनोवेशन (Inventions) को बढ़ावा मिलने की पूरी संभावना है।
- कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर: तकनीकी ज्ञान होने के नाते, विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर और लैब सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर उनका विशेष ध्यान रह सकता है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए विज़न
- शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार: पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाना।
- रिसर्च और इनोवेशन: छात्रों को स्टार्टअप्स और रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए प्रेरित करना।
- ग्लोबल सहयोग: विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों से साझेदारी।
- छात्र कल्याण: स्कॉलरशिप, प्लेसमेंट और करियर गाइडेंस पर ध्यान
📈 University of Lucknow का गौरवशाली इतिहास
जब हम नए कुलपति की बात करते हैं, तो हमें इस विश्वविद्यालय के कद को भी समझना होगा। 1921 में स्थापित यह संस्थान भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। प्रो. सैनी अब उस विरासत का हिस्सा बनने जा रहे हैं जहाँ से डॉ. शंकर दयाल शर्मा और अतुल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गज निकले हैं।
छात्रों के लिए संदेश
अगर आप University of Lucknow के छात्र हैं, तो आपके लिए यह एक सुनहरा अवसर है। नए कुलपति के आने से अक्सर नई योजनाएं, स्कॉलरशिप और कैंपस प्लेसमेंट की नई लहर आती है।
🎯 निष्कर्ष: एक नई उम्मीद
प्रो. जय प्रकाश सैनी का लखनऊ आगमन न केवल विश्वविद्यालय के लिए बल्कि उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उनका अनुभव और विजन निश्चित रूप से लखनऊ विश्वविद्यालय को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
जल्द ही वह कार्यभार संभालेंगे, और हम उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस और विजन डॉक्युमेंट का बेसब्री से इंतजार करेंगे।





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