भारतीय सिनेमा में ऐसे कई कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपने सुरों से श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। Udit Narayan लेकिन जब बात होती है 90 के दशक की सुनहरी आवाज़ की, तो सबसे पहले जो नाम मन में आता है, वह है उदित नारायण। एक ऐसा नाम जो प्रेम, भावनाओं और ऊर्जा को अपनी गायकी के माध्यम से जीवंत कर देता है।
उदित नारायण न केवल बॉलीवुड के बल्कि भोजपुरी, नेपाली और अन्य भाषाओं के भी सुपरस्टार गायक हैं। इस लेख में हम जानेंगे उनके जीवन की प्रेरणादायक कहानी, उनके संघर्ष, संगीत में योगदान, पुरस्कार और वह सब कुछ जो उन्हें भारत के महानतम पार्श्व गायकों में शुमार करता है।

🔹 प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि
जन्म: 1 दिसंबर 1955
जन्मस्थान: भोजपुर जिला, बिहार (वर्तमान नेपाल के सप्तरी जिले में भी दावा होता है)
पिता: हरे कृष्णा झा
माता: भुवनेश्वरी देवी
उदित नारायण का जन्म एक मध्यमवर्गीय मैथिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता नेपाल में काम करते थे और माता भारतीय थीं। बचपन से ही उन्होंने नेपाली और भोजपुरी लोकगीतों में गहरी रुचि दिखाई।
उनका जीवन दो संस्कृतियों – भारतीय और नेपाली – के मेल से बना। उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा नेपाल से प्राप्त की, और संगीत में औपचारिक शिक्षा पटना और फिर बाद में मुंबई से प्राप्त की।
🎓 संगीत की शिक्षा
उदित नारायण को संगीत में गहरी रुचि थी। उनके गुरु पं. दीनानाथ मिश्र थे, जिन्होंने उन्हें शास्त्रीय संगीत का ज्ञान दिया। इसके बाद उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की पढ़ाई भारतीय विद्याभवन, मुंबई से की।
1970 के दशक में वे आकाशवाणी, नेपाल में गायक के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने नेपाली और मैथिली में कई लोकगीत गाए। लेकिन उनका सपना था – बॉलीवुड में पार्श्वगायक बनना।
🎬 बॉलीवुड में संघर्ष और सफलता
शुरुआती संघर्ष
उदित नारायण ने 1978 में मुंबई का रुख किया। उन्होंने कई साल तक छोटे-मोटे काम किए, लेकिन मुख्यधारा में आने का मौका नहीं मिला। उन्होंने 1980 में मोहम्मद रफी और किशोर कुमार के साथ गाने का अवसर भी पाया, लेकिन नाम कमाने में अभी समय लगना था।
ब्रेकथ्रू: “कयामत से कयामत तक” (1988)
उनकी किस्मत तब बदल गई जब उन्हें आमिर खान की पहली फिल्म कयामत से कयामत तक (1988) में “पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा” गाने का मौका मिला।
यह गाना न केवल सुपरहिट हुआ, बल्कि उदित नारायण को एक नई पहचान मिल गई। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
🌟 हिट गानों की झलक
उदित नारायण ने 30 से अधिक भाषाओं में 25,000 से ज्यादा गाने गाए हैं। उनके कुछ लोकप्रिय गाने हैं:
| 🎵 गीत | 🎥 फिल्म | 🎤 सहगायक |
|---|---|---|
| पापा कहते हैं | कयामत से कयामत तक | – |
| पहली पहली बार मिली ऐसी | दिलवाले | अलका याज्ञनिक |
| कोई मिल गया | कुछ कुछ होता है | अलका याज्ञनिक |
| मेरे ख्वाबों में | दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे | लता मंगेशकर |
| जय जय शिव शंकर | कहो ना प्यार है | सुष्मिता सेन |
| रुक जा ओ दिल दीवाने | DDLJ | – |
| तू चीज बड़ी है मस्त मस्त | मोहरा | कविता कृष्णमूर्ति |
उनकी आवाज़ की मासूमियत और ऊर्जा ने उन्हें रोमांटिक गानों का बादशाह बना दिया।
🏆 पुरस्कार और सम्मान
उदित नारायण को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया:
राष्ट्रीय पुरस्कार:
- राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार (3 बार):
- 2001: Lagaan के लिए
- 2002: Kabhi Khushi Kabhie Gham
- 2005: Swades
फ़िल्मफेयर पुरस्कार:
- 5 बार विजेता
- 20+ बार नामांकित
अन्य सम्मान:
- पद्म श्री (2009)
- पद्म भूषण (2016)
- नेपाल का नागरिक सम्मान
🌍 नेपाली और भोजपुरी संगीत में योगदान
उदित नारायण ने भोजपुरी संगीत को नई पहचान दी है। उन्होंने ‘निरहुआ रिक्शावाला’, ‘गंगा किनारे मोरा गांव’ जैसी भोजपुरी फिल्मों में सुपरहिट गाने दिए हैं।
नेपाल में भी उन्हें बेहद सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। नेपाली भाषा में भी उनके कई क्लासिक लोक गीत प्रसिद्ध हैं।
👪 निजी जीवन
Udit Narayan की पत्नी दीपिका नारायण भी गायिका हैं। उनके बेटे आदित्य नारायण भी गायक, होस्ट और अभिनेता हैं।
उदित नारायण का पारिवारिक जीवन शांतिपूर्ण और निजी रहा है। वे आज भी नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रोत्साहित करते हैं।
🎤 स्टेज परफॉर्मेंस और टेलीविजन
Udit Narayan कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर परफॉर्म कर चुके हैं – अमेरिका, कनाडा, यूके, मलेशिया, दुबई आदि।
वे इंडियन आइडल जैसे रियलिटी शोज़ में जज के रूप में भी दिखाई दिए हैं और उभरते टैलेंट को मंच दिया है।
🧡 क्यों खास हैं उदित नारायण?
- गायकी में सादगी और भावनाओं का अद्भुत मिश्रण।
- हर पीढ़ी से जुड़ाव: 80s से लेकर आज की युवा पीढ़ी तक उनकी आवाज लोकप्रिय है।
- बहुभाषी गायन: हिंदी, भोजपुरी, नेपाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, उर्दू आदि।
- आत्मविभोर कर देने वाली मुस्कान और मंच पर ऊर्जा।
🔚 निष्कर्ष
उदित नारायण केवल एक गायक नहीं हैं Udit Narayan – वे एक युग की आवाज हैं। उनकी गायकी में जो अपनापन है, वह हर श्रोता के दिल को छू जाता है। उन्होंने भारतीय संगीत को विश्वस्तर पर एक नई पहचान दी है। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और संगीत के प्रति प्रेम का प्रतीक है – और यही उन्हें आज भी लाखों दिलों का धड़कता सितारा बनाता है।
📢 For More Such Biographies, Visit: vsasingh.com
- 2026 में अपनी वेबसाइट शुरू करें | Hostinger ही क्यों है बेस्ट? (पूरी जानकारी)
- Bihar School Examination Board (BSEB) has officially confirmed that the Bihar Stet Result 2025
- Bombay High Court is one of India’s oldest and most prominent High Courts
- University of Lucknow के नए कुलपति के रूप में प्रो. जय प्रकाश सैनी (Prof. J.P. Saini) की नियुक्ति शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी खबर है।
- Crude Oil Price Are Trading Near Their Lowest Over A Year





Leave a Reply