मणिपुरी नृत्य भारत के आठ शास्त्रीय नृत्य रूपों में से एक है जिसकी उत्पत्ति Manipuri Dance की पवित्र घाटियों में हुई। यह नृत्य शैली अपनी कोमल, प्रवाहमय गतियों और Manipuri Dance Performances आध्यात्मिक अभिव्यक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। मणिपुरी नृत्य मुख्यतः भगवान कृष्ण और राधा की लीलाओं पर आधारित है, विशेषकर रास लीला पर। Manipuri Dance History इस नृत्य में पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और अभिनय का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।
1. ऐतिहासिक विकास Manipuri Dance Festivals
1.1 प्राचीन उत्पत्ति (1ली शताब्दी ईस्वी)
- मणिपुरी पुराणों और लोक कथाओं में उल्लेख
- राजा भाग्यचंद्र (18वीं शताब्दी) का योगदान
- सनामही लोक नृत्य का प्रभाव
1.2 मध्यकालीन विकास (15वीं-19वीं शताब्दी)
- वैष्णव भक्ति आंदोलन का प्रभाव
- रास लीला का संस्थापन
- गुरु नाबा कुमार और गुरु अमुदन शर्मा का योगदान
1.3 आधुनिक पुनरुत्थान (20वीं शताब्दी)
- रबींद्रनाथ टैगोर का प्रभाव (शांतिनिकेतन)
- गुरु बिपिन सिंह का योगदान
- जवाहरलाल नेहरू मणिपुरी नृत्य अकादमी की स्थापना
2. तकनीकी पहलू Famous Manipuri Dancers
2.1 मूलभूत स्थितियाँ
- चाली: मूल चाल (8 प्रकार)
- भंगी: शरीर की मुद्राएँ
- देहभाव: अंग संचालन
2.2 हस्त मुद्राएँ
- 64 मूल हस्त मुद्राएँ
- नवरस की अभिव्यक्ति
2.3 पद संचालन
- चिन (लयबद्ध पद संचालन)
- लई (कोमल गति)
3. प्रमुख शैलियाँ Manipuri Dance Steps
3.1 रास लीला
- महारास और वसंत रास
- गोपियों और कृष्ण का नृत्य
3.2 संकीर्तन
- नगाड़े और मंजीरे के साथ नृत्य
- भक्ति गीतों पर प्रस्तुति
3.3 लाई हरोबा
- मणिपुर की पौराणिक कथाएँ
- मेइतेई देवी-देवताओं की कथाएँ
4. वेशभूषा और आभूषण
4.1 पारंपरिक पोशाक
- पोतलोई (गोलाकार स्कर्ट)
- कुमिन (ऊपरी वस्त्र)
4.2 आभूषण
- कोकनम (सिर का आभूषण)
- लेइरुम (कमरबंध)
4.3 मेकअप
- सूक्ष्म और प्राकृतिक
- चेहरे पर हल्का श्रृंगार
5. संगीत और वाद्य यंत्र Manipuri Dance Music & Instruments
5.1 संगीत शैली
- नट संगीत परंपरा
- कर्टल और मंजीरा
5.2 वाद्य यंत्र
- पुंग (मणिपुरी ढोल)
- कारताल (लकड़ी के क्लैपर्स)
6. प्रसिद्ध गुरु और कलाकार
6.1 प्रमुख गुरु
- गुरु अमुदन शर्मा
- गुरु बिपिन सिंह
- गुरु सविता मेहता
6.2 समकालीन कलाकार
- दर्शना झा
- सिंजुक्कुमार सिंह
- चारु माथुर
7. आधुनिक समय में मणिपुरी नृत्य Manipuri Dance vs Bharatanatyam/Kathak
7.1 वैश्विक प्रसार
- अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन
- विदेशी छात्रों में लोकप्रियता
7.2 नवीन प्रयोग
- समकालीन विषयों पर प्रस्तुति
- अन्य नृत्य शैलियों के साथ फ्यूजन
8. निष्कर्ष
मणिपुरी नृत्य भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है जो अपनी कोमलता Manipuri Dance Costumes और आध्यात्मिक गहराई के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। Manipuri Ras Leela यह नृत्य शैली न केवल मणिपुर की पहचान है बल्कि सम्पूर्ण भारत का गौरव है।




“लय है प्राण, ताल है आत्मा, Manipuri Dance Training मणिपुरी नृत्य है भक्ति का मर्म। पूर्वोत्तर की यह सांस्कृतिक धरोहर, भारत का गौरव, विश्व का आकर्षण।”
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