Jharkhand Rajya Sabha election 2026: क्रॉस-वोटिंग का खेल, INDIA गठबंधन को झटका, NDA को बड़ी जीत

By vsasingh.com | Updated: June 19, 2026 | Politics & Current Affairs

18 जून 2026 को Jharkhand Rajya Sabha election परिसर में एक ऐसा राजनीतिक नाटक खेला गया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। राज्य सभा की दो सीटों के लिए हुए इस चुनाव में गणित और राजनीति दोनों ने करवट बदली। सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन के पास संख्याबल का स्पष्ट बहुमत था, फिर भी उसे एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा। वहीं, विपक्षी NDA ने अपने से कम सांसद होने के बावजूद एक निर्दलीय उम्मीदवार को जिताकर बड़ा उलटफेर कर दिया।

jharkhand rajya sabha election result
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इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में vsasingh.com आपको Jharkhand Rajya Sabha election 2026 के हर पहलू से अवगत कराएगा:

  • चुनाव की पूरी पृष्ठभूमि – क्यों यह चुनाव खास था
  • उम्मीदवार और संख्याओं का खेल – किसे कितने वोट मिले
  • क्रॉस-वोटिंग का राज – कैसे INDIA गठबंधन के अपने ही सांसदों ने विश्वासघात किया
  • राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और आरोप-प्रत्यारोप – किसने किस पर लगाया आरोप
  • राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव – राज्य सभा में NDA की स्थिति मजबूत

तो चलिए शुरू करते हैं इस राजनीतिक उलटफेर की पूरी कहानी।


Jharkhand Rajya Sabha election 2026 – पृष्ठभूमि

चुनाव क्यों हुआ?

झारखंड विधानसभा से राज्य सभा के लिए दो सीटें खाली हो गई थीं, जिसके लिए 18 जून 2026 को मतदान हुआ। यह चुनाव इसलिए खास था क्योंकि:

  • सिर्फ दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे
  • INDIA गठबंधन के पास 81 में से 56 सांसद थे
  • NDA के पास सिर्फ 24 सांसद थे

सिद्धांत रूप में, INDIA गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त वोट थे। लेकिन राजनीति में सिद्धांत हमेशा काम नहीं करता।

चुनाव कार्यक्रम

भारत निर्वाचन आयोग ने जून 2026 में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया।

मुख्य तिथियाँ:

  • नामांकन प्रक्रिया शुरू
  • 18 जून 2026 को मतदान
  • मतदान के बाद उसी दिन मतगणना
  • परिणाम की घोषणा 18 जून को ही

निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक हुआ तथा मतगणना शाम 5 बजे शुरू हुई।

मतदान का दिन

18 जून 2026 को Jharkhand Rajya Sabha election में मतदान हुआ।

सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं।

NDA और INDIA गठबंधन दोनों ने अपने-अपने विधायकों की निगरानी की।

मतदान शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ लेकिन परिणाम को लेकर उत्सुकता बनी रही


उम्मीदवार और संख्याओं का गणित

तीन उम्मीदवार, दो सीटें

उम्मीदवारपार्टी/गठबंधनराजनीतिक पृष्ठभूमि
बैद्यनाथ रामJMM (INDIA गठबंधन)झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार
प्रणव झाCongress (INDIA गठबंधन)कांग्रेस के उम्मीदवार
परिमल नाथवानीBJP-समर्थित निर्दलीयपूर्व राज्य सभा सांसद (2008-2020), वर्तमान में आंध्र प्रदेश से राज्य सभा सांसद

जीत के लिए कितने वोट चाहिए?

राज्य सभा चुनाव में फर्स्ट-प्रेफरेंस वोट की व्यवस्था है। 81 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए 28 फर्स्ट-प्रेफरेंस वोट आवश्यक हैं।

संख्याबल का विश्लेषण

गठबंधनसांसदों की संख्यापार्टीवार ब्रेकअप
INDIA गठबंधन56JMM: 34, Congress: 16, RJD: 4, CPI(ML): 2
NDA24BJP: 21, LJP(RV):1, AJSU:1, JD(U):1
अन्य1JLKM: 1

पहली सीट – JMM की जीत तय

JMM के पास अकेले 34 सांसद थे, इसलिए बैद्यनाथ राम का जीतना लगभग तय माना जा रहा था। उन्हें 30 वैध वोट मिले और वे सफलतापूर्वक निर्वाचित घोषित किए गए।

दूसरी सीट – असली मुकाबला

दूसरी सीट पर INDIA गठबंधन के प्रणव झा (Congress) और BJP-समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवानी के बीच सीधा मुकाबला था। INDIA गठबंधन के पास 56 सांसद थे, जबकि NDA के पास 24। NDA को जीत के लिए 28 वोट चाहिए थे, जो उसके पास नहीं थे। इसलिए NDA की जीत संभव नहीं लग रही थी।


चुनाव की तैयारी – होटलों में कैद सांसद

INDIA गठबंधन की तैयारी

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर रात में मॉक पोल (नकली मतदान) कराया गया
  • नए सांसदों को वोटिंग प्रक्रिया से अवगत कराया गया
  • क्रॉस-वोटिंग की संभावना को रोकने के लिए लगातार बैठकें हुईं

NDA की तैयारी

  • सभी 24 NDA सांसदों को रांची के एक होटल में शिफ्ट किया गया
  • किसी भी धोखाधड़ी को रोकने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी
  • NDA के पास 24 सांसद थे, 28 वोटों की आवश्यकता के कारण रणनीति बदली गई

वोटिंग – 18 जून 2026 को क्या हुआ?

मतदान प्रक्रिया

  • समय: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
  • स्थान: झारखंड विधानसभा परिसर में स्थित पोलिंग स्टेशन
  • सभी 81 सांसदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया
  • सीएम हेमंत सोरेन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी वोट डाला

क्रॉस-वोटिंग की आशंका

चुनाव से पहले ही क्रॉस-वोटिंग की आशंका जताई जा रही थी। NDA के पास 24 सांसद थे, जबकि जीत के लिए 28 वोट चाहिए थे। इसका मतलब था कि नाथवानी को जीतने के लिए 4 अतिरिक्त वोट INDIA गठबंधन के खेमे से आने चाहिए थे।


परिणाम – किसको मिले कितने वोट?

अंतिम आंकड़े

उम्मीदवारमिले वोटपरिणाम
बैद्यनाथ राम (JMM)30निर्वाचित
परिमल नाथवानी (BJP-समर्थित निर्दलीय)28निर्वाचित
प्रणव झा (Congress)20पराजित

क्रॉस-वोटिंग के आंकड़े

  • Nathwani को 28 वोट मिले, जबकि NDA के पास केवल 24 सांसद थे
  • इसका मतलब था कि 4 (या अधिक) सांसद INDIA गठबंधन के भीतर से Nathwani को वोट दिए
  • अमान्य वोट: 3 वोट अमान्य घोषित किए गए – 2 Nathwani के पक्ष में और 1 Congress के पक्ष में
  • JMM के बैद्यनाथ राम ने 30 वोट प्राप्त किए

हार की राजनीति – आरोप और प्रतिकारोप

Congress का आरोप – RJD और CPI(ML) पर निशाना

झारखंड Congress प्रभारी के. राजू ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि गठबंधन के सहयोगी दलों RJD और CPI(ML) ने Congress उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया।

  • RJD के पास 4 सांसद हैं
  • CPI(ML) के पास 2 सांसद हैं
  • आरोप: इन्हीं 6 सांसदों ने Nathwani को वोट दिया

RJD और CPI(ML) का खंडन

दोनों दलों ने Congress के आरोपों को सिरे से खारिज किया।

  • CPI(ML) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य: “हमारे 2 सांसदों ने Congress समर्थित उम्मीदवार को वोट दिया है”
  • RJD नेता भोला यादव: “आरोप निराधार हैं, हम गठबंधन एकता के लिए प्रतिबद्ध हैं”

BJP का पलटवार

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इसे INDIA गठबंधन के लिए बड़ा झटका बताया। उन्होंने कहा कि NDA-समर्थित उम्मीदवार ने 20 वोट के खिलाफ 28 वोट से जीत हासिल की।

कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका

कांग्रेस को इस चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान हुआ।

प्रणव झा की हार ने कई सवाल खड़े कर दिए।

जब महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या थी तो उम्मीदवार हार कैसे गया?

यही सवाल चुनाव के बाद सबसे अधिक चर्चा का विषय बना।


जीत के बाद क्या? – राज्य सभा में NDA की मजबूती

26 सीटों पर चुनाव, NDA को बड़ी जीत

18 जून 2026 को 12 राज्यों की 26 राज्य सभा सीटों पर चुनाव हुए। इनमें से 23 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। केवल झारखंड (2 सीटें) और मिजोरम (1 सीट) में वास्तविक मतदान हुआ।

गठबंधनजीती सीटें
NDA19 सीटें
INDIA6 सीटें
ZPM (Mizoram)1 सीट

राज्य सभा में NDA की स्थिति

इस चुनाव के बाद NDA के पास अब 150 सीटें हो गई हैं। अगर पश्चिम बंगाल की 3 खाली सीटों पर भी जीत मिलती है, तो NDA के पास 153 सदस्य हो जाएंगे। भले ही यह दो-तिहाई बहुमत (दो-तिहाई के लिए लगभग 160 सीटें चाहिए) से अभी भी कम है, लेकिन यह NDA के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


गहन विश्लेषण – झारखंड के नतीजों का बड़ा संदेश

1. INDIA गठबंधन में फूट का संकेत

भले ही RJD और CPI(ML) ने Congress के आरोपों का खंडन किया हो, लेकिन नतीजों ने एक बात स्पष्ट कर दी है: INDIA गठबंधन में एकता की कमी है। विपक्षी दलों के लिए यह एक चेतावनी है कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सहयोगियों को एकजुट करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।

2. राजनीति में “गणित” ही सब कुछ नहीं

गठबंधन की मजबूती सिर्फ संख्याओं में नहीं, बल्कि सहयोगियों के बीच के विश्वास और अनुशासन में होती है। यह चुनाव इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि संख्याबल कैसे बेमानी साबित हो सकता है।

3. BJP की रणनीतिक सफलता

BJP ने इस चुनाव में “कम खर्च, बड़ा लाभ” वाली रणनीति को अपनाया। ना तो अपना उम्मीदवार उतारा और न ही बड़ी लॉबिंग की। एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देकर BJP ने सही समय पर सही कदम उठाया।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. झारखंड राज्य सभा चुनाव 2026 में कितने उम्मीदवार थे?

तीन उम्मीदवार: JMM के बैद्यनाथ राम, Congress के प्रणव झा, और BJP-समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवानी।

2. झारखंड राज्य सभा चुनाव 2026 में किसकी जीत हुई?

JMM के बैद्यनाथ राम और BJP-समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवानी।

3. परिमल नाथवानी को कितने वोट मिले?

उन्हें 28 वोट मिले।

4. प्रणव झा (Congress) को कितने वोट मिले?

उन्हें 20 वोट मिले।

5. राज्य सभा सीट जीतने के लिए कितने वोट चाहिए?

81 सदस्यीय विधानसभा में 28 फर्स्ट-प्रेफरेंस वोट।

6. क्रॉस-वोटिंग क्या था?

NDA के पास 24 सांसद थे, जबकि जीत के लिए 28 वोट चाहिए थे। Nathwani को 28 वोट मिले, इसलिए कम से कम 4 वोट INDIA गठबंधन के भीतर से आए।

7. Congress ने किस पर क्रॉस-वोटिंग का आरोप लगाया?

Congress ने RJD और CPI(ML) पर आरोप लगाया।


निष्कर्ष

झारखंड राज्य सभा चुनाव 2026 ने साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में कोई भी गणित अंतिम नहीं है। 56 सांसदों के होने के बावजूद INDIA गठबंधन को एक सीट पर हार झेलनी पड़ी, जबकि 24 सांसदों वाली NDA अपने समर्थित उम्मीदवार को जीत दिलाने में सफल रही।

यह चुनाव क्रॉस-वोटिंग, गठबंधन में फूट और रणनीतिक चुनावी प्रबंधन का जीवंत उदाहरण है। जहाँ एक तरफ Congress के प्रणव झा को 20 वोट मिले, वहीं BJP-समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवानी को 28 वोट। 3 वोट अमान्य होने के बावजूद Nathwani ने Jha को मात दी।

इस नतीजे ने राष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा असर डाला है। NDA अब राज्य सभा में 150 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में है। वहीं, INDIA गठबंधन को आगामी चुनावों से पहले अपने सहयोगियों को एकजुट रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

vsasingh.com की यह विशेष रिपोर्ट झारखंड के इस ऐतिहासिक चुनाव का पूरा विवरण प्रस्तुत करती है। आगामी चुनावों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखने के लिए हमारे साथ बने रहें।

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